अमरकंटक में कई सालों का टूटा रिकार्ड , पवित्र नगरी अमरकंटक में जमी बर्फ की परत, जन जीवन हुआ प्रभावित

अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय

पवित्र नगरी अमरकंटक में उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओ का नतीजा अमरकंटक का तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। तापमान में गिरावट की वजह से जिले के पवित्र नगरी अमरकंटक का तापमान लुढ़ककर 0 जा पहुचा , पवित्र नगरी में सुबह सुबह बर्फ की एक परत चढ़ी हुई नजर आयी है । अमरकंटक की नर्मदा नदी व आसपास का मैदानी क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में ढका नजर आ रहा है। लगातार बर्फ जमने की प्रक्रिया में वातावरण में व्याप्त बर्फीली हवाओं के कारण पूरा अमरकंटक अब सर्द की कपकपाहट से सदमे में आ गया है। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
हो चुका है। लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल रहे हैं कामकाजी लोग ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम के जानकार ठंड बढऩे की बात कह रहे हैं। वही स्थानीय लोगो का कहना है कि कई सालों का रिकार्ड तोड़ ठंड पड़ रही है।

पवित्र नगरी अमरकंटक का विंध्य , सतपुड़ा व मैकल पर्वतीय क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी ठंड की चपेट में रहा है। अमरकंटक का तापमान न्यूनतम स्तर पर रहा, अमरकंटक का पारा लुढ़क कर 0 डिग्री तक जा पहुचा , जिसका नतीजा अमरकंटक के अनेक स्थानों पर अहले सुबह बर्फ की चादर बिछी रही। ऐसा ही बर्फ की चादर ओढ़े सुबह सुबह अमरकंटक के शांति कुटी आश्रम के संत राम भूषण दास महाराज ने सुबह का नजारा दिखाया , साथ ही बाग बगीचों में जमी बर्फ की परत को भी दिखाया,
वहीं इस दौरान अमरकंटक सहित जिलेभर में जनजीवन कंपकंपाती ठंड से प्रभावित रहा।
सम्भावना जताई जा रही है कि अमरकंटक की वादियों में आगामी एकात सप्ताह इसी तरह की कंपकपाती ठंड का असर बना रहेगा और कुछ रातें और भी बर्फ जम सकती है। वही स्थानीय लोगो का कहना है कि कई सालों का रिकार्ड टूटा है । इस बार रिकार्ड तोड़ ठंड पड़ रही है । जिसके चलते कई हिस्सों में बर्फ जमी हुई है ।
यह पहला मौका नही है जब अमरकंटक में तापमान में गिरवाट के दौरान बर्फ जमी हो , दशको बाद अधिक दिनों तक लगातार बर्फ जमने का सिलसिला अमरकंटक में चला आ रहा है। लगातार तापमान न्यून स्तर पर पहुंचते हुए कोहरे के रूप में धरती पर गिरी ओस की मोती को बर्फ की चादरों में तब्दील हो रही है।अनूपपुर जिला में कुछ दिनों से हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है । वंही ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते रहे। ठंड के कारण बुजुर्ग लोग घरों में दुबके रहे। सर्दी के बढ़ने से लोगों का जन जीवन पर गहरा असर पड़ा है।

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