मां नर्मदा के अनन्य भक्त दादा गुरु महाराज ने हजारों समर्थकों संग किया तट एवं जल परिवर्तन

मां नर्मदा के अनन्य भक्त दादा गुरु महाराज ने हजारों समर्थकों संग किया तट एवं जल परिवर्तन

अमरकंटक । धनंजय तिवारी

पतित पावनी मां नर्मदा जी के अनन्य भक्त, नर्मदा पुत्र खंडवा के दादा धूनी वाले महाराज परंपरा के भैया जी सरकार, परम तपस्वी संत दादा गुरु महाराज ने आज प्रातः हजारों समर्थकों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों के साथ पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर तट परिवर्तन एवं जल परिवर्तन की पावन धार्मिक परंपरा का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया।
दादा गुरु महाराज ने सर्वप्रथम मां नर्मदा जी के उत्तर तट स्थित रामघाट में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन एवं महाआरती संपन्न की। तत्पश्चात उन्होंने मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर में दर्शन कर उद्गम कुंड में विशेष पूजन किया।

इसके बाद संस्कृत के सुमधुर श्लोकों, मंत्रोच्चारण एवं नर्मदाष्टक संकल्प के साथ दादा गुरु महाराज ने उत्तर तट से दक्षिण तट स्थित नर्मदा कुंड में तट परिवर्तन एवं जल परिवर्तन किया। इस पावन अवसर पर उनके साथ चल रहे हजारों की संख्या में नर्मदा परिक्रमावासियों एवं श्रद्धालुओं ने भी सामूहिक रूप से मां नर्मदा जी का पूजन-अर्चन किया।
पूजन कार्यक्रम का संचालन मां नर्मदा उद्गम स्थल परिसर कुंड में पुजारी उमेश द्विवेदी (बंटी महाराज), कामता प्रसाद द्विवेदी, नीलू महाराज एवं धनेश द्विवेदी (वंदे महाराज) द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया गया।

तट परिवर्तन एवं जल परिवर्तन के उपरांत परम तपस्वी संत दादा गुरु महाराज अपने काफिले सहित कबीर चबूतरा, करंजिया (जिला डिंडोरी) के लिए प्रस्थान कर गए। इस दौरान संपूर्ण परिसर “हर-हर नर्मदे, नर्मदे हर” एवं “जय ओम मां, जय ओम मां” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।

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