क्यों युवाओं को मेरी बात सुननी चाहिए :: सुनीता शर्मा

अमरकंटक :: श्रवण उपाध्याय

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के मानविकी विभाग ने एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की धनी श्रीमती सुनीता शर्मा को “क्यों युवाओं को मेरी बात सुननी चाहिए?” विषय पर एक विशेष व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया था । ईएफएल की एचओडी और मानविकी की डीन प्रोफेसर अभिलाषा सिंह ने छात्रों और पीएचडी विद्वानों तथा विभाग के संकाय सदस्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत की।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में पधारी सम्मानित अतिथि श्रीमती सुनीता शर्मा ने अपने अनुभव से अवगत कराया और बताया कि उन्होंने सुखी जीवन की दिशा में क्या पाया ।

उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व के साथ-साथ जीवन के न्यूनतम परिप्रेक्ष्य के बारे में बात की। भौतिकवादी जीवन के बारे में उन्होंने कहा “एक फ्लैट, दो फ्लैट या तीसरे में हम सब फ्लैट”। उन्होंने हमें शिविरों के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में भी बताया, क्योंकि वह बच्चों के साथ मिलकर उन्हें उनकी संस्कृति और ‘संस्कारों’ की जड़ों से जुड़े स्वस्थ और खुशहाल जीवन की दिशा में मार्गदर्शन करती हैं। यह एक ज्ञानवर्धक वार्ता सत्र था कि कैसे हमारा अस्तित्व ही हमारी जरूरतों को पूरा करता है (लालच नहीं) घर को परेशान किए बिना जिसे प्रकृति ने हमारे लिए सामंजस्यपूर्ण बनाया है साथ ही हम कैसे एक खुशहाल और संतुष्ट जीवन जी सकते हैं।

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