अमरकंटक के जंगल में मिला तेंदुए का कटा हुआ शव,पंजे और सिर गायब

बांधवगढ़ के विशेषज्ञों की टीम जांच कर बताया कि शव 2 दिन पुराना हैं

संवाददाता – श्रवण उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में आता है ।अमरकंटक वन परिक्षेत्र के फर्रीसेमर बीट दमगढ़ जंगल में एक तेंदुए का कटा हुआ शव शुक्रवार की शाम मिला है । वन विभाग के बीट गार्ड हरीलाल प्रजापति को नियमित गश्त के दौरान शव दिखाई दिया । जिस पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया । मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को अपने कब्जे में ले लिया । तेंदुए के शव से चारों पंजे और सिर गायब पाए गए ।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से आए वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने पोस्टमॉर्टम की । विशेषज्ञों के अनुसार शव एक से दो दिन पुराना है ऐसा कहा गया ।
वन विभाग ने अभी तक तेंदुए की मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है । विभाग का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल पाएगा । हाल के दिनों में अमरकंटक क्षेत्र में वन्यजीवों की उपस्थिति बढ़ी हुई है । अभी हाल में ही जंगली भैंसा , हाथी बाघ आदि बड़े जानवर क्षेत्र में विचरण करते देखे गए है । बीट दमगढ़ क्षेत्र में मृत पाए गए तेंदुए का कटा हुआ शव मिलने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है । वन विभाग और बांधवगढ़ की टीम घटना की गहन जांच कर रही है ।
तेंदुए का अंग गायब होना इस बात की ओर इशारा है कि शिकारियों ने अवैध तस्करी या तांत्रिक कारणों से जानवर के अंग निकाले हैं । वन विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच टीम शिकारियों की तलाश के लिए नाकाबंदी और गश्त , फॉरेस्ट क्षेत्र में सीसीटीवी/कैमरा ट्रैप फुटेज खंगालना शुरू कर दिये है , साथ ही स्थानीय मुखबिरों से जानकारी एकत्रित की जा रही है । अक्सर ऐसे मामलों में शिकारी आसपास के इलाकों के ही होते हैं । वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सख्त कार्रवाई की गई है , यह मामला न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण के लिए चुनौती है बल्कि अमरकंटक जैसे संवेदनशील और धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठता नजर आ रहा है ।

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