पुण्यतिथि के अवसर पर गीता आश्रम पर श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन कर संतो ने दिए अपना आशीर्वचन।
संवाददाता – श्रवण उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र/नगरी अमरकंटक के श्री ओंकारेश्वर महादेव गीता स्वाध्याय मंदिर ( न्यास ) के मुखिया स्वामी नर्मदानंद गिरी जी के गुरु गीता स्वाध्याय मंदिर आश्रम अमरकंटक के संस्थापक श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य ब्रह्मलीन श्री 108 स्वामी ब्रम्हेंद्रानंद गिरी जी महाराज की आज 24वीं पुण्यतिथि स्मृति दिवस के रूप में मनाया गया ।

गीता आश्रम के प्रमुख स्वामी नर्मदानंद गिरी जी महाराज ने बताया कि आज प्रातः से ही गुरु महाराज के 24वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आज बुधवार तारीख 17/09/25 को उनके स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर तिथि अश्विन कृष्ण एकादशी संवत् 2082 तदनुसार प्रातः को शिवार्चन , पूजन , श्रीरुद्राभिषेक भक्ति भाव के साथ श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर पर चलता रहा ।
गुरु महाराज समाधि स्थल पर उनके तस्वीर पर पुष्पमालाएं संतो , भक्तों और प्रेमीजनों द्वारा अर्पित की गईं । उनके समक्ष दीप प्रज्वलित कर उनका पूजन , पाठ कर सभी ने पुष्पांजलि अर्पित किया । ब्रह्मलीन ब्रम्हेंद्रानंद जी की स्मृति में स्वामी नर्मदानंद गिरी जी ने अमरकंटक संत मंडल को आमंत्रित कर एकत्रित हो श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें संतो ने अपने अपने मतानुसार स्वामी ब्रम्हेंद्रानंद जी महाराज जी की जीवन वृतांत पर अपना अपना आशीर्वचन दिए । जिस पर पधारे प्रमुख संतो में से अग्नि पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री रामकृष्णानंद जी महाराज मार्कण्डेय आश्रम अमरकंटक , श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज शांति कुटी आश्रम अमरकंटक , काशी से पधारे और अमरकंटक में चौमासा पूर्ण कर रहे संत स्वामी महेश्वर तीर्थ जी महाराज बनारस उप्र. ।

छत्तीसगढ़ गोरकापा शनि मंदिर के श्रीमहंत विवेक गिरी जी महाराज , स्वामी निजानंद सरस्वती जी महाराज , ज्वालेश्वर धाम दुर्गा मंदिर के श्रीमहंत स्वामी ब्रह्मगिरी जी महाराज , माई बगिया तुरी आश्रम से व्यवस्थापक महेश चैतन्य जी महाराज , छत्तीसगढ़ रायपुर के सिलतरा से महंत योगेश गिरी जी महाराज , परमहंस धारकुंडी आश्रम के व्यवस्थापक स्वामी लवलीन जी महाराज अमरकंटक आदि सैकड़ों संत उपस्थित होकर आश्रम के विशाल संतभोज में उपस्थित हुए ।
आश्रम में सेवा दे रहे मानपुर (उमरिया) के पंडित शिव शरण शुक्ला सुबह से ही श्री ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा अर्चन और अभिषेक कर मंदिर और समाधि स्थल की पुष्पों से साज सज्जा और घृत की दीपक प्रज्वलित कर पूजन करते रहे ।

शाम के समय परम पूज्य बाबा कल्याण दास जी महाराज ने गीता आश्रम पहुंच स्वामी नर्मदानंद जी से आत्मीय मुलाकात कर उन दिनों को याद किए जब बड़े स्वामी जी आश्रम में विराजमान रहा करते थे ।
आज के विशाल आयोजन में अमरकंटक के संत महात्माओं के अलावा कन्या , ब्राह्मण , भक्त , बाहर से पधारे सेवकगण आदि के अलावा नगर के गणमान्य जन विशाल भंडारे में पधारकर प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत स्वामी जी द्वारा दक्षिणा आदि प्रदान किया गया ।
