अमरकंटक में नर्मदा पुराण और श्रीमद् भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ रामघाट में हुआ आरम्भ ,
श्री नर्मदा पुराण की कथा पंडित धनेश द्विवेदी एवं भागवत पुराण शोम्या किशोरी के मुखारविंद से प्रवाहित होंगी ,
प्रातः निकाली गई भव्य शोभायात्रा
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली एवं पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट उत्तर तट पर सोमवार 18 मई 2026 चंद्रदर्शन अधिक ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर मां नर्मदा पुराण एवं श्रीमद् भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ ।

प्रातः कथा स्थल से निकली कलश यात्रा में 108 कलश माथे में लेकर कन्याएं एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं । ढोल-नगाड़ों एवं भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि के बीच श्रद्धालु मां नर्मदा मंदिर पहुंचे जहां विधिवत उद्गम स्थल में पूजन-अर्चन किया गया इसके उपरांत कलशों में जल भरकर पुनः कथा स्थल पहुंचे । नर्मदा परिक्रमा कर रहे संत श्री श्री 108 श्री बाबा पूरण दास जी महाराज ने पूजन उपरांत मां नर्मदा जी को छप्पन भोग मिष्ठान का भोग लगाकर आशीर्वाद लिया । संत जी के सानिध्य में कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंच पंडितों द्वारा कलश स्थापना , वेदी पूजन एवं नवग्रह पूजन के पश्चात महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ ।

मां नर्मदा महापुराण की कथा का वाचन पंडित धनेश द्विवेदी “वंदे महाराज” अमरकंटक द्वारा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा । वहीं प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का रसपान बाल विदुषी शोम्या किशोरी श्रीधाम वृंदावन के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा ।

इस कथा के मुख्य यजमान अमरकंटक निवासी पंडित लखन प्रसाद द्विवेदी उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राधा द्विवेदी एवं समदरिया द्विवेदी परिवार हैं साथ ही किशनगढ़ राजस्थान से पधारे सतपाल सिंह पत्नी श्रीमती सुमन कंवर अपने पूर्वजों के निमित्त पिता स्वर्गीय हरि सिंह , माता स्वर्गीय श्रीमती इचरज कंवर की याद में नर्मदा तट अमरकंटक में कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं । सभी के परिवारजनों द्वारा मां नर्मदा महापुराण एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का संयुक्त आयोजन रामझूला पास रामघाट नर्मदा उत्तर तट पर कराया जा रहा है जहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं ।

पंडित लखन द्विवेदी ने बताया कि सच्चिदानंद घन , अखिल ब्रह्मांड नायक भगवान श्रीकृष्ण एवं पराम्बा मां नर्मदा जी की अहैतुकी कृपा से उन्हें पितरों के उद्धार हेतु भागवत कथा एवं नर्मदा पुराण श्रवण कराने की प्रेरणा प्राप्त हुई । उन्होंने कहा कि अधिकमास के इस पुण्य अवसर पर अमरकंटक में अनेक धार्मिक आयोजन प्रारंभ हो रहे हैं जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है ।

उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं से धर्मलाभ हेतु कथा स्थल पर पधारकर पुण्य अर्जित करने की अपील की है ।
मां नर्मदा परिक्रमा कर रहे संत पूरण दास जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन उनके प्रिय शिष्य और भक्त , प्रेमीजन पहुंच कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे है ।