दिल्ली मे महिलाए आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर दिल्ली क्राईम रिपोटर भावेश पिपालिया की रिपोर्ट दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओ के लिए फ्री बस सेवा देकर भाई दूज की बधाई दी, फ्री बस सेवा से बहुत महिलाए खुश है, पर कुछ महिला ऐसी भी है जिनके पास दिल्ली जैसे बड़े शहर में टॉयलेट और बाथरूम भी नहीं है, जी हा हम बात कर रहे है दिल्ली शहरी आश्रय सुधर बोर्ड के रैन बसेरे की, जिनके चेयरमैन खुद अरविन्द केजरीवाल है,फिर भी कई रैन बसेरे में न नाहने की सुविधा है और नाहीं टॉयलेट की,अगर है तो वो भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है,जीसकी वजह से मज़बूरी में युवतिओं और महिलाओ को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, दिल्ली जैसे बडे शहरो मे खुले में शौच के लिए जाना मलतब अपनी जान और इज़्ज़त को हथेली में लेकर जाना, मगर अफसोस की मुख्यमंत्री केजरीवाल को यह समस्या नहीं दिखाई दे रही, बेधरो और संस्था द्वारा कई बार फरियाद के बाद भी सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया, सराय काले खां शेल्टर में एक बेघर ने बताया की यहाँ पर न पिने का पानी होता है और नहीं टॉयलेट में,अभी 5 दिन तक हमलोगो ने बिना पानी से गुजारे है, हमने कई बार फरियाद की पर कोई सुनवाही नहीं होती,अगर ज्यादा फरियाद करेंगे तो हमें यहाँ रहने में समस्या होती है,वही एक महिला ने कहा की हमे बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है, पर हमारी मज़बूरी है इसलिए क्या कर सकते है, नाहने की सुविधा ही नहीं है, में और मेरी बेटी खुले में स्नान करते है, शर्म और संकोच के बावजूद भी मज़बूरी में बहार नहाना पड़ता है, हमने कई बार बताया पर अभी तक कोई सुनवाही नहीं हुयी, वही आये रिकवरी शेल्टर नया बने २ साल से अधिक समय हो गया पर अभी तक नहाने के लिए बाथरूम नहीं बना पायी सरकार ,मरीज होने के बावजूद खुले में ठण्ड में नहाते है, पर अभी तक कोई सुनवाही नहीं हुयी, सरकार द्वारा कागजो में और विज्ञापन मे बड़ी बड़ी बाते बताई जाती है पर जमीनी स्तर पर कार्य ना के बराबर होता है,वही जमा मस्जिद शेल्टर में जगह की कमी की वजह से महिलाओ और बच्चे शेल्टर के बाहर खुले में सोने को मजबूर है, और वहा पर पानी की समस्या से गुजर रहे है, पानी की समस्या के कारण टोइलेट और बाथरूम मे सफाई नही हो पाती है, जीसकी वजह से गंदगी और मच्छर हो जाते है और लोग बीमार पडते है, पर सरकार यह समस्या को भी अनदेखी कर रही है, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में शहरी बेघर आश्रय योजना के तहत पीने के पानी की सुविधा, स्वछता, नाहने के लिए पानी और बाथरूम की सुविधा और टॉयलेट की सुविधा होनी चाहिए मगर दिल्ली में बहुत शेलटर में यह प्राथमिक और जरूरी सुविधा का भी बहुत अभाव है, सरकार को वोट बैंक से ऊपर उठके भी एक बार ये बेघरों की समस्या का समाधान करना चाहिए और समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। bsp24news 6264105390

दिल्ली मे महिलाए आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर        दिल्ली क्राईम रिपोटर भावेश पिपालिया की रिपोर्ट   दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओ के लिए फ्री बस सेवा देकर भाई दूज की बधाई दी, फ्री बस सेवा से बहुत महिलाए खुश है, पर कुछ महिला ऐसी भी है जिनके पास दिल्ली जैसे बड़े शहर में टॉयलेट और बाथरूम भी नहीं है, जी हा  हम बात कर रहे है दिल्ली शहरी आश्रय सुधर बोर्ड के रैन बसेरे की, जिनके चेयरमैन खुद अरविन्द केजरीवाल है,फिर भी कई रैन बसेरे में न नाहने की सुविधा है और नाहीं टॉयलेट की,अगर है तो वो भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है,जीसकी वजह से मज़बूरी में युवतिओं और महिलाओ को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, दिल्ली जैसे बडे शहरो मे खुले में शौच के लिए जाना मलतब अपनी जान और इज़्ज़त को हथेली में लेकर जाना, मगर अफसोस की मुख्यमंत्री केजरीवाल को यह समस्या नहीं दिखाई दे रही, बेधरो और संस्था द्वारा कई बार फरियाद के बाद भी सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया,          सराय काले खां शेल्टर में एक बेघर ने बताया की यहाँ पर न पिने का पानी होता है और नहीं टॉयलेट में,अभी 5 दिन तक हमलोगो ने बिना पानी  से गुजारे है, हमने कई बार फरियाद की पर कोई सुनवाही नहीं होती,अगर ज्यादा फरियाद करेंगे तो हमें यहाँ रहने में समस्या होती है,वही एक महिला ने कहा की हमे बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है, पर हमारी मज़बूरी है इसलिए क्या कर सकते है, नाहने की सुविधा ही नहीं है, में और मेरी बेटी खुले में स्नान करते है, शर्म और संकोच के बावजूद भी मज़बूरी में बहार नहाना पड़ता है, हमने कई बार बताया पर अभी तक कोई सुनवाही नहीं हुयी, वही आये रिकवरी शेल्टर  नया बने २ साल से अधिक समय हो गया पर अभी तक नहाने के लिए बाथरूम नहीं बना पायी सरकार ,मरीज होने के बावजूद खुले में ठण्ड में नहाते है, पर अभी तक कोई सुनवाही नहीं हुयी, सरकार द्वारा कागजो में और विज्ञापन मे  बड़ी बड़ी बाते बताई जाती है पर जमीनी स्तर पर कार्य ना के बराबर होता है,वही जमा मस्जिद शेल्टर में जगह की कमी की वजह से महिलाओ और बच्चे शेल्टर के बाहर खुले में सोने को मजबूर है, और वहा पर  पानी की समस्या से गुजर रहे है, पानी की समस्या के कारण टोइलेट और बाथरूम मे सफाई नही हो पाती है, जीसकी वजह से  गंदगी और मच्छर हो जाते है और लोग बीमार पडते है, पर सरकार यह समस्या को भी अनदेखी कर रही है,                         राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में शहरी बेघर आश्रय योजना के तहत पीने के पानी की सुविधा, स्वछता, नाहने के लिए पानी और बाथरूम की सुविधा और टॉयलेट की सुविधा होनी चाहिए मगर दिल्ली में बहुत शेलटर में यह  प्राथमिक और जरूरी सुविधा का भी  बहुत अभाव है, सरकार को वोट बैंक से ऊपर उठके भी एक बार ये बेघरों की समस्या का समाधान करना चाहिए और  समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। bsp24news 6264105390

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