कुल्हाड़ी से कटे साल के वृक्ष , किसी को भनक तक नही लगती। अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय की खास रिपोर्ट

उद्गम पवित्र नगरी अमरकंटक मैकल , सतपुड़ा पहाड़ो के बीच बसा तीर्थ स्थल घनघोर जंगलो के बीच रमणीय कलकल बहती मां नर्मदा पश्चिम की ओर बहती जन मानस की जीवन दायनी कहे जाने वाली पवित्र नदी मानी जाती है , इनके दोनों तटो के पहाड़ो में विशाल साल व अन्य वृक्ष सुशोभित है । दूर दराज , व अन्य प्रदेश , देश से आने वाले पर्यटक , भक्त , संत यंहा की वादियों को देख स्वर्ग की अनुभूति करते नजर आते है , पर अब कब तक यह परिकल्पना की जा सकती है, प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ चल रहा है उसमे एक विभाग दूसरे विभाग पर जवाबदारी थोपते हुए बच निकलने में माहिर साबित होते आ रहे है , जनप्रतिनिधि वार्ड पार्षद जल , जंगल , जमीन पर कोई ठोस कदम उठाते नजर नही आये , रोजाना वृक्षो का कत्लेआम होना , क्षेत्र में अतिक्रमण चरमसीमा को पार करना और जल , जो की नगर पंचायत को मोहल्ले मोहल्ले पहुचाते हुए पसीना पसीना होना पड़ा रहा ।
प्रबुद्धजनों , संतगणो का कहना है कि सबसे पहले जंगल को लोगो से कटते हुए बचाना , खाली जमीनों में नए पौधे रोपण करना व सुरक्षित रखना , उसी तरह यंहा की जमीन को भी बचाय रखने में प्रकृति के हित मे माना जायेगा जिससे स्वक्ष हवा और जल पर्याप्त उपलब्धता यंहा बनी रहेगी । लंबे अर्से से देखा जा रहा है कि साल के पेड़ो को काट कर घर बन रहे , बाड़ी बना रहे , लकड़िया ढो रहे , आखिर प्रकृति के साथ खिलवाड़ कब तक ।
नगर परिषद के सी एम ओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि फारेस्ट के रेंजर मिथुन सिसोदिया से बातचीत के दौरान अमरकंटक क्षेत्र में चाहे वृक्ष काटने की सूचना हो , अतिक्रमण करने वालो के घटना की सूचना मिलने पर विभागो के मिल हम इस पर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उन्हें दंडित किया जाएगा , जैसे वार्ड नंबर 1 ,6 में अतिक्रमण की सूचना मिलने पर पहुंचे और फारेस्ट के टीम की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर 15 दिवस के अंदर अपना रिकार्ड कार्यालय में सम्मिट करें , अगर उनके द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया तो अतिक्रमण की कार्यवाही की जावेगी ।नगर परिषद , फारेस्ट , और राजस्व की टीम मिलकर अमरकंटक को सुरक्षित रखा जाएगा ।। bsp24news सत्यता की पहचान हमारा हिंदुस्तान 6264105390

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