अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
पवित्र नगरी माँ नर्मदा की उद्गम स्थळी अमरकंटक में महिलाएं हलषष्ठी व्रत भारी संख्या में करती है , इस दिन माताएं महुआ के डाली की दातून कर स्नानादि पश्यात व्रत रखती है । इस दिन व्रती माताएं अनाज नही खाती । दिन में चाय भैंस के दूध की पीती है । पूजन में बेर की डाली , पलास की डाली , कांस के फूल वाली डाली आदि रख और दोना में महुआ उबला हुआ व दही भैंस के दूध वाला रख साथ ही साड़ी , सुहाग का श्रृंगार , पूजन की अन्य सामग्री रख पंडित जी द्वारा व स्वतः पूजन कर हलषष्टि माता की कथा सुनती है ।
संतान की इक्षुक व संतानवती महिलाये ये व्रत करती है । महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए प्रार्थना करती है । आज बलराम जयंती भी मनाई जाती है । हलशठ व्रत बलराम जी की तरह बलशाली पुत्र की प्राप्ति हेतु भी करती है । हरछठ व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है ।
इसी तरह पवित्र नगरी माँ नर्मदा उद्गम क्षेत्र के हर दिशाओ में आज माताएं हरछठ व्रत रख अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए बिधि विधान पूर्वक पूजन कर कथा सुनी ।