अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थली अमरकंटक क्षेत्र की महिलाएं आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 13 सितंबर 2021 दिन सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग में क्षेत्र की महिलाएं व्रत रख कर संतान सप्तमी की पूजन आराधना की ।
आज के दिन संतान सप्तमी व्रत का बड़ा महत्व है ।नर्मदा मंदिर पुजारी पंडित धनेश द्विबेदी (वन्दे महाराज) ने बताया कि आज के दिन महिलाएं प्रातः काल उठकर स्नान करती है , स्वक्ष कपड़े पहनती है इसके बाद भगवान शिव पार्वती की आराधना करती है और व्रत लेने की संकल्प करती है । इस दिन महिलायें निराहार उपवास रहकर पूजन के लिए प्रसाद बनाती है । जिसमे खासकर खीर , पुड़ी , पुए , रोट आदि अपने अपने चलन के हिसाब से बनाकर पूजा के लिए तैयार करती है ।

पूजन के लिए जमीन पर गोबर से लीपकर चौक पूरती है उसके ऊपर पीढा रख कर उसके ऊपर मिट्टी से बनाये गए भगवान शिव और माता पार्वती जी के साथ कंही कंही पर गणेश जी की भी मूर्ति विराजमान कर दोपहर के समय कलश , दीपक जलाकर थाली में हल्दी , कुमकुम , कपूर , चावल , कलावा , फूल , फल आदि रख कर पंडितों द्वारा विधि विधान से पूजन कर कथा का श्रवण कराया जाता है । संतान की रक्षा और उनके उन्नति के लिए महिलाएं प्रार्थना कर आशीर्वाद मांगती है तथा खुशहाली व समृद्वि बनी रहे ।