अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थली अमरकंटक में निर्माणाधीन भगवान श्री आदिनाथ जी का लंबे अर्से से कार्य प्रगति में है , जबकि मंदिर में भगवान विराजमान हो चुके है ।
दिगम्बर जैन धर्मानुसार भादों मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी के दिन से शुरू हुए पर्युषण पर्व में दसलक्षण व्रत का बड़ा ही महत्व होता है , जिसमे दस दिनों तक श्रावक अपनी यथाशक्तिनुसार वृत्य / उपवास रख तप करते है । दसलक्षण के दस रूप उत्तम क्षमा , उत्तम मार्दव , उत्तम आर्जव , उत्तम सत्य , उत्तम शौच , उत्तम संयम , उत्तम तप , उत्तम त्याग , उत्तम अकिंचन एंवम उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म की भावना रख दस दिनों तक व्रत / उपवास करते है ।

जैन मंदिर निवासी चुन्नू जैन ने बताया कि इस पर्व में निर्जला व्रत भी रखा जाता है व मौन रख भी व्रत करते है , जिसकी जैसी सहन शक्ति , पर तपस्या के लिए पूरी निष्ठा के साथ ही व्रत रखा जाता है ।

आज इस पर्व के महात्म्य के मद्देनजर सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर में निवासरत जैन संप्रदाय श्रावको द्वारा पर्युषण पर्व की समाप्ति के उपलक्ष्य में भगवान श्री आदिनाथ की झांकी सजा कर भब्य गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा जैन मंदिर प्रांगण से माँ नर्मदा उद्गम मंदिर से होते हुए नगर भ्रमण करते हुए मुख्य मार्ग कल्याण सेवा आश्रम से वापस जैन मंदिर में समाप्त की गई । यह हर वर्ष शोभा यात्रा निकाली जाती है जो भगवान श्री आदिनाथ जी को नगर भ्रमण कराया जाता है , साथ ही मिष्ठान वितरण भी हर भक्तजन व श्रद्धालुओं को रास्ते भर वितरण किया जाता है , नगर में लोग भी इस झांकी को देख नत मस्तक व श्रीफल , पुष्प मालाएं अर्पित कर अपने आप को धन्य पाते है । दोपहर 1 बजे शोभायात्रा प्रारम्भ की गई जो लगभग 3 घंटे बाद समाप्त हुई ।

इस भब्य यात्रा में पुष्पराजगढ़ के विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को भी सम्मिलित हुए इनके अलावा नगर परिषद उपाध्यक्ष , सांसद प्रतिनिधि प्रकाश द्विवेदी , मंडलम अध्यक्ष श्यामलाल सेन , धनंजय तिवारी , सुनील जैन , देवेंद्र जैन , चुन्नू जैन , राकेश जैन , वीरेंद्र जैन , नीलेश जैन , पंकज जैन , आदित्य , महेश , प्रशांत , लक्ष्मीचंद जैन व पत्रकार बंधुओ के अलावा सैकड़ो लोग शामिल होकर शोभा बढ़ाया ।