अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
पवित्र नगरी अमरकंटक में अनेकों वर्षो से माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थळी में दूर दराज से छोटी व बड़ी दुर्गा प्रतिमाये विसर्जन हेतु लाई जाती है । इस वर्ष दो दिनों में 61 से ज्यादा प्रतिमाये अमरकंटक में आई और नगर परिषद द्वारा बनाये गए विसर्जन स्थल पर प्रतिमाओ को श्रद्धा पूर्वक विधि विधान से पूजन अर्चन कर विसर्जित की गई ।

अमरकंटक में भी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पंडालों को सजा कर दुर्गा प्रतिमाये स्थापित की गई थी , जो कि नौ दिवस पूर्ण होने के बाद दशहरा के पावन पर्व पर सभी प्रतिमाओं को विसर्जन हेतु पंडालों से गाजे बाजे , डीजे व बैंडो की धुन पर नगर के अनेक रास्तो से मां नर्मदा मंदिर द्वार तक जाकर वापस विसर्जन स्थल तक पहुँचे ।

नगर में शाम के समय से लेकर देर रात्रि तक डीजे की लाइट व सुरमधुर गीत के बीच लोग नाचते , डांस करते बच्चे , बच्चियां , महिलाएं व पुरुष सभी पूरे जोश में नाचते हुए आनंद के साथ चल रहे थे । नगर में रोड़ किनारे देखने वालों की कतार लगी हुई थी वो सभी आनंदित हो रहे थे । अमरकंटक के अनेक वार्डो में प्रतिमाये विराजमान कराई गई थी जिसमे नगर के कुछ प्रतिमाओं के साथ भारी संख्या में लोग शामिल होकर जुलुश के साथ माँ के विसर्जन में शामिल हुए । भारी जनसंख्या के बीच थाना अमरकंटक के प्रभारी विजय दीक्षित ने अपनी पूरी टीम के साथ चारो तरफ नजर बनाए हुए थे , वंही नगर परिषद के सी एम ओ चैन सिंह परस्ते भी टीम को विसर्जन स्थल में लाउडस्पीकर , लाइट व टेंट लगाकर ब्यवस्था तंदुरस्त रखे हुए थे । अमरकंटक में काफी दूर दराज से प्रतिमाये यंहा पहुंची है जैसे ब्यौहारी , शहडोल , अनूपपुर के अलावा छत्तीसगढ़ की भी प्रतिमाये यंहा पहुंची है ।

