वीतराग तपस्वी बाबा कल्याण दास महाराज जी की प्रेरणा से पुष्कर सरोवर में 51 फिट ऊंची माँ नर्मदा जी की प्रतिमा का निर्माण प्रारम्भ ।

अमरकंटक:-श्रवण उपाध्याय (पत्रकार)
पवित्र नगरी माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थली अमरकंटक में प्रथम पुष्कर सरोवर में वीतराग तपस्वी बाबा कल्याण दास महाराज जी की प्रेरणा से 51 फिट ऊंची नर्मदा नदी की जल धारा पुष्कर सरोवर के मध्य माँ नर्मदा जी की तपस्विनी स्वरूप का भब्य प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है , जिसका स्वरूप पश्चिम दिशा की ओर से भब्य दर्शन प्राप्त होंगे । माँ नर्मदा जी की एक मुखी 51 फुट ऊंची प्रतिमा को कलकत्ता के कारीगरों द्वारा भब्य रूप दिया जाएगा ।

कल्याण सेवा आश्रम के ब्यवस्थापक हिमान्द्री मुनि महाराज जी ने बताया कि बीस×बीस व तेरह फिट गहरा कराकर तेरह×तेरह का लोहे का जाल बिछा कर छः×छः के कालम खड़ा कर बाँध के जल स्तर से दो फिट ऊंचा तक उसका बेस रखा गया है , जिसकी लागत आई है लगभग सात लाख व मूर्ति की बनवाई भी ग्यारह लाख से तैयार होगी उसके बाद साज सज्जा आदि और भी खर्च आगे आएगा जिसे आश्रम द्वारा वहन कर माँ नर्मदा जी की प्रतिमा लोगो के आकर्षण का केंद्र रहेगा । यह कार्य कलकत्ता से खास मूर्ति कारीगरों को बुलाकर माँ नर्मदा जी की भब्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है ।

जिस समय माँ नर्मदा के जल संरक्षण के लिए तपस्वी बाबा कल्याण दास महाराज जी ने पुष्कर सरोवर में जमी हुई गाद निकालने के लिए जन सहयोग में आर्थिक सहयोग के लिए एक बहुत बड़ी धन राशि अपनी ओर से दे रहे थे तब उन्होंने कहा था मेरी एक इक्छा है कि माँ नर्मदा के इस पुण्य नदी पुष्कर बाँध में एक भब्य तपस्विनी स्वरूप माँ नर्मदा जी की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए जिससे माँ नर्मदा जी का यह सरोवर भब्य व मनमोहक स्थल के रूप में देखा जाय । उनकी ही इस महती आकांक्षा स्वरूप आज सरोवर में मूर्ति निर्माण के लिए नींव पहले डाल दी गयी थी और आज से मूर्ति कलाकारों द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है , ताकि जल्द से जल्द माँ नर्मदा जी की भब्य तपस्विनी स्वरूप प्रतिमा निर्माण कर लोगो का जो प्रेम और आस्था माँ के प्रति है उसमें उत्साह और जो भक्ति है उसमें ज्यादा लोगो को आनंद प्राप्त हो सके । बारिश के पहले मूर्ति स्थापना के लिए नींव का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है । सरोवर में जल भराव भी भरपूर है और माँ नर्मदा जी की प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ भी 2022 जनवरी के आगमन पर अब शुरू भी हो चुका है । यह कार्य जल्द ही चार माह के अंदर पूर्ण हो जाएगा ।
कलकत्ता (बेस्ट बंगाल) से आये मूर्तिकार अरबिंद ने बताया कि हम टोटल 10 लोगो के सहयोग से यह कार्य चार माह में पूर्ण कर लेंगे साथ ही मूर्ति के ऊपर छतरी भी बनाएंगे । मूर्ति का रंग रोगन भी करेंगे । मूर्ति बनने के बाद माँ का भब्य तपस्विनी स्वरूप निखरकर सामने आएगा ।

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