अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
पवित्र नगरी माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थळी अमरकंटक के पहाड़ियों विंध्य , सतपुड़ा , मैकल के उचाईयो वाले क्षेत्रो के किनारे किनारे वाले वाले भाग से जब उगते सूर्य को देखा जाता है तब मानो आसमान में लालिमा लिए हुए प्रकाश का नजारा देखते हुए बनता है । अमरकंटक के पहाड़ियों से उगते सूर्य को या डूबते हुए सूर्य को देखना बड़ा ही रोमांचक दृश्य नजर आता है ।
माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थळी में काफी ज्यादा लोग पहुँचते है , उन सभी को यंहा उगते सूर्योदय का दर्शन या वो नजारा जो सुबह के वक्त का होता है देखने के लिए टूरिस्ट , भक्त काफी उत्साहित होते है ।
अमरकंटक में किसी भी स्थान में यात्री ठहरे हुए हो लेकिन सुबह के वक्त उगते सूर्योदय के दर्शन करना चाहते है ।
अमरकंटक में खास दो जगह सूर्योदय के भब्य प्रागट्य स्वरूप देखने को मिलता है जंहा लोग भारी तादात में जाते है ।पहला सोनमूडा स्थल जो सोनभद्र जी का उद्गम स्थल है , यंहा से सुबह सुबह उगते सूर्य को देखने का एक अलग ही अनुभव मिलता है इसी तरह जालेस्वर रोड़ पर भी एक सनराइज पॉइंट है जो कि यंहा पर भी सूर्योदय के वक्त काफी लोग देख आनंदित होते है । अमरकंटक के पहाड़ियों से अनेक जगह से सूर्योदय व सूर्यास्त के नजारा भलीभांति देखा जा सकता है , पर टूरिस्टों को आराम से इन पलो का आनंद प्राप्त हो सके इसलिए लोगो द्वारा इन जगहों का ही विवरण दिया जाता है ।
सुबह सुबह खास कर इन दो जगहों पर साफ मौसम के समय रोजाना यात्री सुबह पहुच कर सूर्य नारायण का वो स्वरूप का दर्शन प्राप्त करते है तथा उस समय का आकार व लालिमा भरा दृश्य देख एक बार वाह जरूर कह ही डालते है लोग ।
इसी तरह जब आज इन जगहों पर गए और लोगो को देखा कि सूर्य निकल ही रहा था और लोग एक तक सूर्य की ओर टकटकी लगाए देख रहे थे लोग तभी के समय का एक पिक्चर निकाला गया और लोगो की प्रसन्नता देखी गयी ।