अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के परमहंस धारकुंडी आश्रम में त्रिदिवसीय ओशो ध्यान शिविर ०६ से ०८ नवंबर २०२२ तक ऋषिकेश से पधारे ओशो संन्यासी स्वामी श्री समदर्शी जी के सानिध्य में लगातार तीन दिवस सक्रिय ध्यान , गुरु सत्संग , कुंडलिनी जागरण ध्यान , नाद ब्रम्ह ध्यान , चक्रा ध्यान आदि साधना संपन्न हुआ ।

स्वामी जी के सानिध्य में देश के विभिन्न स्थानों बीकानेर , नागपुर , रायपुर , छिंदवाड़ा , कटनी , हरियाणा , दिल्ली , ऋषिकेश , हैदराबाद आदि जगहों से आए ओशो प्रेमी जनों ने अमरकंटक में श्री परमहंस आश्रम धारकुंडी में ध्यान व सत्संग का महत्वपूर्ण लाभ लिया । सत्संग में स्वामी जी ने उपदेश दिया कि मनुष्य को जीवन का हर छण होश पूर्ण व साक्षी भाव से जीना चाहिए तथा साक्षी भाव जीवन के हर कृत्य के साथ जिए इससे जीवन आध्यत्मिकता से परिपूर्ण होता है ।
