संत अभयानंद (मिष्टी बाबा) हुए पंचतत्व में विलीन , नर्मदा तट पर किया गया दाह संस्कार ।।

अमरकंटक – श्रवण उपाध्याय (पत्रकार)
कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक में लगभग 20-22 वर्षों से निवास करते आ रहे स्वामी अभयानंद जी महाराज उन्हें प्रेम से लोग मिष्टी बाबा भी कहते थे का आज बुधवार सुबह लगभग 7.30 से 8 बजे दरम्यान उनका परलोक गमन हो जाना बताया जा रहा ।
वे लगभग 60 वर्ष के थे । वे काफी समय से बीमार भी चल रहे थे , दवाइया चल रही थी । आज अचानक सुबह सुबह जब सेवादार उनके कमरे में पहुंचे तब देखा की वे न हिल – डुल रहे न ही कुछ बोल पा रहे , तभी तत्काल आश्रम के अन्य संतो को खबर किया गया और डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया ,जांच पड़ताल उपरांत प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के डॉक्टर रानू प्रताप सरीवान ने उन्हें मृत घोषित किया ।

मिष्टी बाबा वर्ष 1998 में हरिद्वार कुंभ मेले के समय बाबा कल्याण दास जी से गुरुदीक्षा ली थी , तब से आना जाना उनका अमरकंटक लगा रहता था । वे मूलतः कलकत्ता वेस्ट बंगाल के थे ।
गुरुस्थान होने के कारण यन्हि पर लंबे समय से रहते हुए , सेवा कार्य व भजन पूजन में मग्न रहते थे । फिजिक्स व केमेस्ट्री के अच्छे ज्ञाता थे जिसका लाभ कल्याणिका स्कूल के विद्यार्थियों को खूब प्राप्त हुआ ।
उनका आज नर्मदा तट पर अग्नि संस्कार दोपहर को सैकड़ों संतो , भक्तो के बीच किया गया , उनको मुखाग्नि उनके गुरुभाई स्वामी धर्मानंद जी ने नम आंखों से दी ।
इस मुक्तिधाम कार्यक्रम में मुख्यरूप से स्वामी हिमांद्री मुनि जी महाराज , स्वामी जगदीशानन्द जी महाराज , स्वामी शांतानंद जी महाराज , स्वामी हरस्वा़रूप महाराज जी , स्वामी आनंद मुनि जी व अनेक संतो के अलावा विनोद पजारे जी , मुकेश जी , द्वारिका जी , मुन्नू पांडेय जी , जोहान लाल जी , संजू राव जी , पंडित संदीप जोत्शी जी के अलावा अनेक लोग उपस्थित हुए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *