अमरकंटक : श्रवण उपाध्याय
नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में आज बुधवार लगभग 11 बजे सर्वोदय जैन मंदिर से यहां के सभी जैन परिवार के लोग हाथो में बैनर , पोस्टर लेकर नगर भ्रमण करते हुए थाना तक व वापस जैन मंदिर आने के बाद वाहन द्वारा राजेंद्रग्राम पहुंच तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया ।

देवेंद्र जैन ने बताया की 02 अगस्त 2019 तत्कालीन झारखंड सरकार की अनुसंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा झारखंड में गिरिडीह के मधुवन में स्थित सर्वोच्च जैन शाश्वतत तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी पारसनाथ पर्वतराज को वन्यजीव अभ्यारण्य एक भाग घोषित कर इकोसेंसिटिव जोन के अंतर्गत पर्यावरण पर्यटन व अन्य गैर धार्मिक गति विधियो की अनुमति देने वाली अधिसूचना क्रमांक 2795 (ई) बिना जैन समाज से आपत्ति य सुझाव लिए जारी की थी ।
20 जैन तीर्थकारो और अनंत संतो की मोक्ष स्थली होने के कारण श्रीसम्मेद शिखर जी का कण कण प्रतिएक जैन के लिए पूज्यनीय बंदनीय है ।

पारसनाथ तीर्थराज को इको सेंसिटिव जोन में घोषित करने से पूर्व जैन समाज से एक बार वार्ता करना था ।
इसी मुद्दे को लेकर आज अमरकंटक जैन समाज झारखंड में स्थित पारसनाथ पर्वतराज में जो वन्य जीव अभ्यारण्य , पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत जोनल मास्टर प्लान व पर्यटन मास्टर प्लान , पर्यटन/धार्मिक पर्यटन सूची से बाहर किया जाय को लेकर विरोध रैली जैन मंदिर से लेकर नगर भ्रमण किया गया और मांग किया गया की जल्द से जल्द बनाया गया घोषित कानून वापस लिया जाए । इसी से संबंधित एक ज्ञापन मान्यनीय श्री विवेक के वी उप प्रभागीय न्यायाधीश पुष्पराजगढ़ तहसील कार्यालय राजेंद्रग्राम के नाम जाकर सौंपा गया ।
इस मौके पर जैन समाज से देवेंद्र जैन , निलेश जैन , सुनील जैन , पंकज जैन , मनोज जैन , सिखरचंद , लक्ष्मीचंद जैन , दिवाकर जी , सोनू जैन , टिंकू जैन, बबलू जैन , योगेश सेलकर, सुयस जैन आदि व भारी संख्या में महिलाएं विरोध रैली में सम्मिलित हुए ।
