महिलाएं संतान सप्तमी व्रत रख पूजन कर पुत्र के दीर्घायु होने की शिव-पार्वती से कामना की ।

महिलाएं संतान सप्तमी व्रत रख पूजन कर पुत्र के दीर्घायु होने की शिव-पार्वती से कामना की ।

अमरकंटक / श्रवण उपाध्याय

मां नर्मदा जी उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक क्षेत्र में सुहागिन महिलाएं भाद्रपद शुक्ल संतान सप्तमी की व्रत रख कर शिव पार्वती की विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन कर पुत्रो के दीर्घायु होने की कामना की ।

पंडित मुकेश पाठक बताते है की संतान सप्तमी का व्रत रखने वाली महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजन आराधना और कथा सुन करतीं है । यह व्रत करने से संतान को लंबी आयु की प्राप्ति होती है तथा पुत्र के जीवन में खुशहाली आती है । माताएं संतान सप्तमी की व्रत रखकर भोलेनाथ , माता पार्वती देवी से संतान के जीवन की दीर्घायु की कामना करती है तथा पुत्रो के जीवन में कोई कष्ट दुख न आने की मंगल कामना की भावना रख पूजा आराधना बड़े ही विधि विधान पूर्वक करती है ।

इस पूजन में ताजी मिट्टी से निर्मित कर शिव – पार्वती , नंदी बनाकर , हल्दी , कुमकुम , चावल , कपूर , मौसमी फल , फूल , मीठी पुड़ी ,आटे की लोई आदि सामग्री पूजन में उपयोग करते है । सात मीठी पुड़ी केले के पत्ते में बांध पूजन स्थल पर रख दिया जाता है फिर संतान की रक्षा की भावना लिए कलावा अर्पित करें । इस तरह पंडित विधि विधान पूर्वक पूजन कराकर अपने पुत्र की दीर्घायु हेतु मन में कामना करते हुए शिव और माता पार्वती को प्रणाम कर आशीष प्राप्त करते है ।

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