अमरकंटक का सनराइज पॉइंट बना शराबियों का अड्डा,पर्यटक और स्थानीय नजारा देख परेशान

यहा आवारा पशुओं कुत्तों का भी खतरा बना रहता है

संवाददाता – श्रवण उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटक और धार्मिक स्थलों में से एक है । यह तीर्थराज के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यहा पवित्र नदियों नर्मदा , सोन भद्र और जोहिला का उद्गम स्थल है । यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वत मालाओं के मध्य स्थित है । नर्मदा नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है जिनकी पूर्ण परिक्रमा की जाती है । यहां दो शक्ति पीठों का क्षेत्र है । प्राचीनकाल से ही ऋषि मुनियों के आध्यात्मिक शक्तियों का स्थान रहा है ।

यहां का प्रमुख सनराइज पॉइंट जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए पर्यटकों का प्रिय स्थल माना जाता है । जिसे अब असामाजिक तत्वों के कब्जे में आता जा रहा है । सूर्योदय का मनोहारी दृश्य देखने आने जाने वाले पर्यटको को अब असुरक्षा और असहजता का सामना करना पड़ रहा हैं ।
सुबह का यह स्थान अब भी अपनी शांति और सौंदर्य के लिए जाना जाता है , लेकिन जैसे ही शाम ढलती है यहां शराबियों का जमावड़ा लगने लग जाता है । खुलेआम शराब पीने और हुड़दंग मचाने से सनराइज प्वाइंट बदनाम हो रहा है । इन लोगों के कारण परिवार के साथ आने जाने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं । अमरकंटक में और भी अनेक स्थल है जहां शराबियों के दल पहुंच कर स्थानों को अपवित्र के साथ बदनामी की ओर ले जा रहे । जंगलों, मैदानी क्षेत्रों में बोतल,पाउच,ग्लास आदि बिखरे पड़े मिल जाएंगे ।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत की गई है , लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है । क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस पवित्र स्थल की गरिमा बचाने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल इस ओर ध्यान दिया जाय या रात्रि कालीन गश्त बढ़ाने की मांग की है ।

इस स्थान पर शराबियों के चीखने का टेस्ट ले ले कर आवारा पशु , कुत्ते सनराइज प्वाइंट पर कब्जा जमाए बैठे रहते है । इनसे कभी भी टूरिस्टों और पर्यटकों को खतरा हो सकता है ।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि “अमरकंटक एक तीर्थस्थल है , यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है । प्रशासन को चाहिए कि तुरंत कार्रवाई करते हुए सनराइज पॉइंट को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराए।” स्थानीय लोगों और पर्यटकों की उम्मीदें अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं ।

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