पूजन-अर्चन और विद्वान पंडितों द्वारा रुद्राभिषेक के साथ अखंड रामचरित मानस पाठ जारी
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित परमहंस धारकुंडी आश्रम में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव का शुभारंभ हो गया है । धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संतजन शामिल हो रहे हैं ।

जानकारी के अनुसार यह वार्षिक उत्सव रविवार अधिमास ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वितीया दिनांक 18 मई 2026 से प्रारंभ हुआ है । उत्सव के अंतर्गत विद्वान ब्राह्मणों द्वारा अखंड रामचरित मानस पाठ , रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जप एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं । आश्रम परिसर पूरा भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो रहा है ।

कार्यक्रम का समापन दिन बुधवार 20 मई 2026 को पूर्णाहुति के साथ होगा । इस अवसर पर अखंड धूनी पूजन , त्रिशूल पूजन , समाधि पूजन , संत सत्संग तथा कन्या पूजन जैसे विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । इसके उपरांत संत , ब्राह्मण एवं नगर भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है ।

स्वामी लवलीन जी महाराज ने बताया कि आश्रम का वार्षिक उत्सव प्रतिवर्ष बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है । इस दौरान अखंड रामचरित मानस पाठ , रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जप एवं अन्य वैदिक अनुष्ठान परंपरानुसार संपन्न किए जाते हैं ।

उन्होंने बताया कि उत्सव को लेकर भक्तों का आगमन प्रारंभ हो चुका है । रीवा , सतना , मैहर , सीधी , चित्रकूट सहित अनेक आस पास क्षेत्रों से सेवक , श्रद्धालु एवं भक्तजन आश्रम पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बन रहे हैं तथा प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे है । आश्रम के पूर्व संत ब्रह्मलीन श्री पौराणिक बाबा जी की समाधि पूजन अर्चन भी उनके भक्तों शिष्यों द्वारा किया जाता है ।

अमरकंटक में धारकुंडी आश्रम ( सतना ) से पूज्य संत भी वार्षिक आयोजन में उपस्थित हुए जिनमें प्रमुख रूप से पूज्य संत स्वामी श्री विरक्तानंद जी महाराज , स्वामी श्री गंगानंद जी महाराज , स्वामी श्री उदयानंद जी महाराज , डाक्टर स्वामी श्री रामभद्र जी महाराज , स्वामी श्री महेश जी महाराज आदि संतो का आगमन हो चुका है
