**मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं, मजदूरों को काम से हटा दे यह किसी की मजाल नहीं – पत्रकार गोपाल वैष्णव** भीलवाड़ा, राजस्थान (भैरू सिंह राठौड़) भीलवाड़ा जिले में मजदूरों के हितों और हक़ की बात करने वाले युवाओं की पहली पसंद बने युवा पत्रकार गोपाल वैष्णव का कहना है कि जिले के रायला, सरेरी से आरजिया चौराहे तक चलने वाले विभिन्न कारखानों में 12 घंटे की मजदूरी लेकर श्रमिकों का शोषण लंबे समय से किया जा रहा था कारखाना मालिकों के शोषण की नीति से परेशान श्रमिकों में असंतोष व्याप्त हो रहा हैं। मजदूरों का कहना है की श्रम कानून के तहत निर्धारित नियमों की अनदेखी की जा रही है तथा 8 घंटे के बजाय 12 घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जा रहा है मजदूरों की भर्ती करने और निकालने के को नियम निर्धारित नहीं कर रखा है। कारखानों में प्रबंधों की मनमानी जारी है ।कितनी ही फैक्ट्रियों में तो मजदूरों एवं स्टाफ कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जो कंपनी के द्वारा कराया जाना होता है वह पैसा भी मजदूरों की तनख्वाह में से ही काट लिया जाता है यानी पीएफ का फायदा यदि मजदूर को देना है तो उसकी ही सैलरी से पीएफ राशि का दुगुना काटकर सरकार में जमा कराई जाती है। कोई निर्धारित नियम नहीं है। कोई भी श्रमिक अगर नियम कानून की बात करता है तो उसे फैक्ट्री मालिक गेट से बाहर निकाल देते हैं। यहां तक कि हिसाब भी पूरा नहीं देते हैं, ना तो वेतन पर्ची दी जाती है नाही परिचय पत्र प्रदान किया जाता है न हीं सीएल पीएल बोनस का भुगतान किया जाता है। यहां तक कि ईएसआई काट लेने के बावजूद ईएसआई की पर्ची तक नहीं मिलती है जिससे मजदूर कहीं इलाज नहीं करा सकते हैं ईएसआई का पैसा भी प्रबंधक डकार जाते हैं। सालाना इंक्रीमेंट भी नहीं लगाया जाता है तथा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी प्रदान नहीं की जाती है। मजदूरों को जो पेमेंट दिया जाता है वह 12 घंटे काम कराने का किया जाता है मजदूरों की मांग है कि यदि 12 घंटे ड्यूटी करवाते हैं तो 16 घंटे का पैसा मिलना चाहिए। या फिर 8 घंटे ड्यूटी करवा कर मजदूरों की छुट्टी कर दी जानी चाहिए। कारखाना प्रबंधक 8 घंटा ड्यूटी देने को तैयार नहीं है 12-12 घंटा फैक्ट्री चलाना चाहते हैं। मजदूरों का कहना है कि 12 – 12 घंटा ड्यूटी करके शरीर भी खफा चुके हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारी एवं कारखाना मालिक कि मिला भक्ति से कारखानों श्रमिकों का शोषण नहीं रुक रहा है। यदि कोई कारखाना श्रमिक अपने हक व अधिकार की बात करता है तो उसका गेट बंद कर दिया जाता है। नौकरी पर रखने मांग करने पर डराया धमकाया जाता है तथा मारपीट तक कर दी जाती है एक तरह से बंधुआ मजदूरों की भांति काम कराया जाता है। आरजिया से लेकर सरेरी तक के कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों ने भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभास चौधरी से संपर्क कर न्याय दिलाने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ लघु उद्योग संघ प्रोसेस हाउस कर्मचारी संघ के साथ विभिन्न कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों ने रैली निकालकर जिला कलेक्टर एवं श्रम आयुक्त को ज्ञापन देकर मजदूरों के शोषण पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि 1 महीने में श्रमिकों की मान गया है पूरी नहीं करवाई गई तो अगली बार उग्र आंदोलन किया जाएगा। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंतीलाल ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि इतने लंबे समय से शोषण किया जा रहा है तो इस संबंध में केंद्रीय श्रम मंत्री से 4 मार्च को परिचर्चा की जाएगी तथा श्रमिकों के शोषण पर रोक लगवाई जाएगी।ज्ञापन रैली और। प्रदर्शन में मजदूरों के साथ मजदूर किसान नेता उदय लाल भडाणा चीनू जाट जयंतीलाल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ प्रभास चौधरी प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ जुम्मा काठात जिला संरक्षक दिनेश कोठारी जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह राठौड़ जिला महामंत्री गोपाल चतुर्वेदी सांवर गुर्जर रामेश्वर नाथ नंदकिशोर चैन गुर्जर सीताराम कुमावत दिलीप सेन राजू वैष्णव सहित रायला दाता पायरा मांडल आरजिया रोड पर स्थित लगभग 33 मिल फैक्ट्रियों के 2500 मजदूर उपस्थित हुए थे।।ज्ञापन देने गए श्रमिकों को जिला फकलेक्टर एवं उस श्रमायुक्त नहीं मिले जिस पर श्रमिकों ने अतिरिक्त कलेक्टर शहर तथा लेबर इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। रायला के कारखानों में काम करने वाले कई श्रमिक भी इस रैली धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम में उपस्थिति देने गए थे जिसकी जानकारी कारखाना प्रबंधकों को लगी तो रायला के रीको एरिया में स्थित ओसवाल शूटिंग कंपनी ने एक ही साथ 40 मजदूरों का गेट बंद कर दिया है श्रमिक सवेरे 8:00 बजे काम पर उपस्थित हुए थे लेकिन प्रबंधकों ने ड्यूटी पर चढ़ाने से इंकार कर दिया है जिससे समय गेट पर ही बैठे रहे। *रिपोर्ट- भैरू सिंह राठौड़ भीलवाड़ा (राजस्थान) 09799988158 bsp24news 6264105390