अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय
पवित्र नगरी अमरकंटक क्षेत्र के अलावा देश के अनेक शहर गांव में भारी तादात में महिलाएं व कुवांरी कन्याये भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया 9 सितंबर 2021 दिन गुरुवार को हरितालिका तीज व्रत का उपवास रह कर की पूजन आराधना ।
हरतालिका तीज एक पावन त्योहार है । इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती है और फिर अगले दिवस पूजन के बाद व्रत का पारण करती है । इस व्रत को कुंआरी लड़कियाँ द्वारा भी अच्छे वर की कामना के लिए व्रत रखा करती है ।

महिलाएं व कन्याएं इस दिन मेहंदी लगाने व झूला झूलने की भी कई जगह प्रथा देखी जाती है । हरतालिका तीज व्रत में भगवान शिव , माता पार्वती , भगवान गणेश जी की पूजन किया जाता है लेकिन कुछ जगह भगवान कार्तिक व नंदी की मूर्ति भी बनाकर साथ मे पूजन करते है , इस तरह शिव परिवार ताजी गीली मिट्टी से स्वतः मूर्ति आकर बना कर पंडित द्वारा पूजन विधि विधान से कराया जाता है । पूजन में कथा सुनना बेहद जरूरी माना जाता है । पूजन के पहले फूलो व हरियाली से सुशोभित झूला नुमा फुलेहरा बनाकर पूजन स्थल में लगाया जाता है और पूजन के बाद उसे महिलाएं व कन्याये रात्रि में जागरण करते हुए फुलेहरा को झुलाते रहते है और भजन ,गीत आदि ढोलक ,मंजीरा से संगीत गाते रहकर जागरण सुबह 5 बजे तक चलता रहता है , फिर स्नान कर अंतिम हवन कर महिलाएं सुहाग लेती है फिर पारण करती है