बालाघाट में होगा भव्य त्रिशूल दीक्षा और कार्यकर्ता सम्मेलन समारोह
युवाओं में जोश भरेगा प्रवीण भाई का आगमन : विवेक शिववंशी
(रिपोर्ट : कमल कोडले) बालाघाट। डॉ प्रवीण भाई तोगडय़िा जी संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल व हिंदुस्तान निर्माण दल। 2 मार्च को बालाघाट में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम एवं कार्यकर्ता सम्मेलन मैं आगमन होने जा रहा है डॉ प्रवीण भाई तोगडिय़ा पूर्व में विश्व हिंदू परिषद व संघ मेंं अहम भूमिका पर रह चुके हैं, 2 मार्च को नागपुर होते हुए बालाघाट पहुंचने जा रहे हैं कमला नेहरू सभागृह मैं त्रिशूल दीक्षा एवं कार्यकर्ता सम्मेलन के उपरांत बालाघाट में हिंदुस्तान निर्माण दल जिला अध्यक्ष विवेक शिववंशी के गृह निवास पर भी पहुंचेंगे जानकारी देते हुए विवेक शिव बंसी द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व डॉ प्रवीण भाई तोगडिय़ा 1 फरवरी 2020 को बालाघाट पहुंचे थे आगामी 2 मार्च को विशाल त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे कार्यक्रम में बंटू चंदेल क्षेत्र महामंत्री अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं प्रदीप गौर संगठन मंत्री ओमकार यादव प्रांत मंत्री अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद विधान जोगी,, राष्ट्रीय बजरंग दल विभाग अध्यक्ष दिनेश छोटू बिसेन एवं हिंदुस्तान निर्माण दल जिला अध्यक्ष विवेक शिवांश की अगुवाई में किया जाएगा।
आयोजित इस कार्यक्रम में विधान जोगी प्रांत मंत्री महाकौशल प्रांत अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, , दिनेश छोटू बिसेन विभाग अध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल, विवेक शिव वंशी, जिलाध्यक्ष हिंदुस्तान निर्माण दल सहित जिले के समस्त युवाओं का पूरा सहयोग रहेगा।

प्रवीण तोगडिय़ा भारत के डॉक्टर, कैंसर सर्जन और हिन्दू राष्ट्रवाद के प्रबल उद्घोषक हैं। वे विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अन्तरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सम्प्रति वे ‘अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषदÓ के अध्यक्ष हैं। समझा जाता है कि वर्तमान में संघ परिवार से उनके सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं। वे नरेन्द्र मोदी के आलोचक हैं।
उन्हें 1979 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंस्वेकों का मुख्य मार्गदर्शक केवल 22 वर्ष की उम्र में चुना गया। उन्हें उनके उत्तेजक और गर्म बयानों के लिए जाना जाता है। हिंदुत्व की व्याख्या का ये उदहारण समेत सटीक विवरण देते है। ये सौराष्ट्र के पटेल है, किसान के बेटे है, ये अहमदाबाद में पढाई के लिए आये थे। ये चाल में रहते थे पर पढाई में हमेशा अव्वल आते थे। बचपन में एक बार उन्हें सोमनाथ मंदिर में जाने का अवसर प्राप्त हुआ (सोमनाथ के पुनरुद्धार से पहले), जब उन्होंने सोमनाथ के ध्वस्त अवशेष देखे तो उनके जीवन की दिशा ही बदल गयी और वे हिन्दुतत्व के पुनरुद्दार में लग गए। ये युवा अवस्था में ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। रामेश्वर पालीवाल, एक आरएसएस प्रचारक संघ के मार्गदर्शन मे युवा तोगडय़िा ने स्वयं सेवक के रूप में अपना जीवन शुरू किया। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्मो में व्यस्त रहने के बावजूद भी ये महीने में एक सप्ताह रोगियों की जाँच के लिए देते है। तोगडिया के मुताबिक हिन्दू मजबूत और सैन्य स्थिति में होने के बावजूद सभी धर्मो को सामान दृष्टि से देखता है।
तोगडय़िा ने विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सिंघल की जगह ली थी किन्तु 14 जून 2018 को उन्होंने स्वयं को विश्व हिन्दू परिषद से अलग कर लिया तथा 24 जून 2018 को दिल्ली में अपने समर्थकों के साथ राम मंदिर, धारा-370 गौ हत्या पर कानून जैसे मुद्दों को केंद्र बना कर “अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद” (्र॥क्क) की स्थापना की ।