अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय (पत्रकार)
माँ नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नर्मदा नदी के तट राम घाट में सुबह दिन के 11 बजे से विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन कर 24 घंटे का सीताराम नाम संकीर्तन प्रारम्भ कर हारमोनियम व ढोलक , मंजीरा म्यूजिक की धुन ताल में लोग संकीर्तन का आनंद लेते हुए दिन रात लगातार सीता राम , सिता राम नाम के धुन में मग्न नजर आए ।

पुष्पराजगढ़ के पूर्व SDM एम.एल.असाटी जबलपुर निवासी ने बताया कि चाँदपुर ग्राम जैतहरी (अनूपपुर) के निवासी हीरा लाल राठौर व क्षेत्र के लोगो द्वारा यह सीताराम नाम के संकीर्तन का अखंड 24 घंटे का भक्ति भाव से कार्यक्रम अमरकंटक महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आकर किया गया , जिसमें चांदपुर , क्योंटार , महुदा व अन्य जगह के नर नारी सम्मिलित होकर यह 24 घंटे का संकीर्तन किया गया ।

हीरालाल ने भी बताया कि चौबीस घंटे का संकीर्तन सब के सहयोग से किया गया व आने वाले साल में भी सब के सहयोग से पुनः संकीर्तन करने का उद्देश रहेगा । अखंड संकीर्तन के बाद सब के सहयोग से नगर भंडारे का भी आयोजन किया गया । अमरकंटक के लोगो का भी भरपूर सहयोग भी मिला , मैं सभी मेरे साथीयो व नगर के लोगो का आभारी हूं । हम किसी को कुछ दे नही पा रहे लेकिन भगवान नाम जिन जीव प्राणी के कानों तक पहुचा उन सभी के जीवन मे खुशहाली आवे ऐसी हमारी भावना है । हमारे ग्राम में माह के हर पूर्णिमा को संकीर्तन का आयोजन बराबर होता है । लोगो का इस धार्मिक आयोजन करने में क्षेत्र के नर नारियों का सद्भाव बराबर प्राप्त होता रहता है ।
एम.एल.असाटी ने सूक्ष्म जानकारी देते हुए बताया कि मैं जब पुष्पराजगढ़ में SDM पद पर रहा उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अमरकंटक पहुंची थी , ये मेरा सौभाग्य था और आज मैं पवित्र नगरी में आकर इस संकीर्तन मंडली का सदस्य के रूप में सम्मलित होकर धार्मिकता की अलख जगाने का मौका मिल रहा है । यह धार्मिक अनुष्ठान में सब का तन , मन व धन के सहयोग से सम्पन्न हो रहा है ।

चांदपुर के अलावा अन्य ग्राम के लोग प्रमुख रूप से अपना समय निकालकर आये जिसमे पूर्व पटवारी रजनीश प्रजापति , राजकुमार राठौर , मानसाय केवट , शंकर लाल , सुरेश सिंह , संतोष राठौर , राजकुमार महतो , कामता प्रसाद , शंकरलाल , कोदुलाल , हीरालाल , बाबूलाल , सुरेश सिंह , काशीराम , भीमसेन , लल्लू सिंह , सूरसेन केवट , रामदीन राठौर आदि नर नारी सम्मिलित होकर 24 घंटे तक का सीताराम नाम संकीर्तन में सहयोग प्राप्त हुआ ।