अमरकंटक के वन विद्यालय में वृत्त स्तरीय कार्यशाला का किया गया आयोजन ।

जैव विविधता पर सक्रियकरण , लोक पंजी , लाभ प्रभाजन मुख्य उद्देश ।।

अमरकंटक :- श्रवण उपाध्याय (पत्रकार)

पवित्र नगरी / मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली अमरकंटक में 28 सितंबर 2022 को वन विद्यालय में वृत्त स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जैव विविधता एवं जैव संसाधन पर प्रशिक्षण दिया गया साथ ही जैव विविधता अधिनियम 2002 पर भी वन परिक्षेत्र के अधिकारीयो , कर्मचारीयो को प्रशिक्षित किया गया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे से वन विद्यालय के मीटिंग हाल में मुख्य अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर सर्व प्रथम दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प अर्पित कर किया गया ।
मंच का संचालन उप वन मंडलाधिकारी श्री मान सिंह मरावी ने किया जहां मुख्य अतिथियों का स्वागत व सम्मान पुष्प गुच्छ देकर किया गया । कार्यक्रम प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन एल एल उईके (भा. व. से.) द्वारा किया गया । इस दौरान मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ वन अधिकारी जिनमें डॉक्टर पी सी दुबे (सदस्य राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड) , श्री चितरंजन त्यागी (भा. व. से.) प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) म.प्र , डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव(भा. व.से.) प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं सदस्य सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड , श्री रमन के.(भा.व.से.) पूर्व अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक(ग्रीन इंडिया मिशन) मध्य प्रदेश , ए.ए. अंसारी वनमण्डलाधिकारी अनूपपुर, डॉक्टर बकुल लाड सहायक सदस्य सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड , डॉ गौरव सिंह तकनीकी विशेषज्ञ , डॉक्टर एलिजाबेथ थॉमस सहायक सदस्य सचिव , स्वप्निल चतुर्वेदी तकनीकी विशेषज्ञ आदि इस कार्यक्रम में शामिल हुए ।इसके साथ ही विभिन्न वन मण्डल के वनमण्डलाधिकारी एवं उप वन मंडल अधिकारी , वन परिक्षेत्राधिकारी , वनकर्मी एवं जैवविविधता समिति एवं वन सुरक्षा समित के अध्य्क्ष एवं सदस्य गण तथा स्था्नीय वैद्य भी शामिल हुए ।

उपस्थित सभी गणमान्य जनों ने जैव विविधता अधिनियम 2002 के अन्तर्गत जैवविविधता प्रबंधन , समितियों के सक्रियकरण , लोक जैवविविधता पंजी के निर्माण एवं लाभ प्रभाजन पर अपने अपने विचार रख उपस्थित लोगों को समझाते हुए बताया कि जैव विविधता जीवन और विविधता के संयोग से निर्मित शब्द है , जो आम तौर पर पृथ्वी पर मौजूद जीवन की विविधता और परिवर्तन शीलता को संदर्भित करता है । उपस्थित लोगों को त्यागी ने बताया की जैविक विविधता या जैव विविधता पौधो , जीव जंतुओं में पाई जाने वाली अलग अलग प्रकार की विशेषताएं जैव विविधता कहलाती है । श्री रमन के. ने अपने उद्बोधन में पशु पक्षीयो w तितलियों के अनेक प्रकार व उनका जीवन शैली , प्रकार पर प्रकाश डालते हुए बारीक से बारीक जानकारी प्रदान किए ।

इसी तरह अन्य उपस्थित अधिकारी अपनी अपनी जैव विविधता से संबंधित जानकारी दिए । जीवो की विभिन्न प्रजातियों का एक ही स्थान पर पाया जाना जैव विविधता है ।
वैद्य प्रदीप शुक्ला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए जिसमे वैद्यो की स्थिति व जीवन संघर्ष पर ध्यान दिया जाना चाहिए ।

अंत में डीएफओ अनूपपुर डॉ. ए.ए. अंसारी के द्वारा उपस्थित सभी मंचासीन , ट्रेनीज , वैद्य , पत्रकार व उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापन पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति हुई ।

अमरकंटक वन परिक्षेत्र अधिकारी अजेंद्र सिंह पटेल पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित संचालन हेतु प्रयत्नशील रहे ।

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