अमरकंटक तुरी आश्रम में रामानंद सरस्वती जी की 17वीं पुण्यतिथि मनाई गई ।

आश्रम में भव्य पूजा-अर्चना बाद था विशाल भंडारे का आयोजन

संवाददाता – श्रवण उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के माई बगिया स्थित तुरी आश्रम में आज अश्वनी कृष्ण षष्ठी को सप्तमी श्राद्ध के पावन दिवस पर शनिवार दिनांक 13/09/2025 को परम् पूज्य स्वामी रामानंद सरस्वती जी की 17वीं (सत्रहवीं) पुण्यतिथि प्रतिवर्षानुसार अमरकंटक माई बगिया स्थित तुरी आश्रम के व्यवस्थापक संत स्वामी महेश चैतन्य जी महाराज ने बड़े ही श्रद्धा भाव और भक्तिमय वातावरण के साथ मनाई गई । तुरी आश्रम प्रांगण स्थित निर्माणाधीन विशाल शिव मंदिर में ही ब्राह्मणों द्वारा आज प्रातः पावन अवसर पर स्वामी महेश चैतन्य जी महाराज ने आश्रम के शिव मंदिर पर विधि विधान पूर्वक पूजन-अर्चन बाद साधु संतो , कन्याओं , ब्राह्मणों , भक्तों और नगर वासियों का विशाल भंडारा का आयोजन किये जिसमें भारी संख्या में कन्याएं , संतगण , पंडितजन , भक्तगण और नगर के अन्य प्रमुख जन उपस्थित होकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर दक्षिणा प्राप्त किए ।

तुरी आश्रम में आज के प्रमुख आयोजन का उद्देश्य परम् पूज्य गुरुदेव स्वामी रामानंद सरस्वती जी की सत्रहवीं पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में उनके शिष्य स्वामी महेश चैतन्य जी का अपने गुरु भगवन के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करना और समाज सेवा का संदेश देना ।

आश्रम के व्यवस्थापक स्वामी महेश चैतन्य जी महाराज ने बताया कि आश्रम में प्रातःकाल ब्राह्मणों द्वारा विशेष पूजन , आराधना और विधि-विधान पूर्वक आश्रम में विराजमान भोले बाबा जी की अर्चना की गई । गुरुदेव जी की सत्रहवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया । इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन था जिसमें प्रसाद वितरण के साथ-साथ दान-दक्षिणा संतो , कन्याओं , ब्राह्मणों आदि को वितरित किया गया ।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे गुरुदेव जी की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष स्वामी रामानंद सरस्वती जी की मनाई जाती है , जिससे उनकी शिक्षाएं समाज में प्रकट होती रहें और लोगों को आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो , साथ ही क्षेत्र में एकता , भक्ति एवं समाज सेवा की भावना का विकास बढ़ता रहे ।

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