अमरकंटक ( श्रवण उपाध्याय) पत्रकार —
श्रावण मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के दिन आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है । प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती हुई नजर आयी । आज सुबह से ही मां श्री नर्मदा मंदिर के चारों तरफ अंदर बाहर स्नान कुंड एवं पुष्कर सरोवर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भीड़ देखी जा रही थी । सुबह से ही स्नान ध्यान करने के पश्चात मां श्री नर्मदा के दर्शन उपरांत के बाद श्रद्धालु एवं भक्तगण मां श्री नर्मदा का पावन जल लेकर नंगे पांव व वाहन गाड़ी से बाबा भोलेनाथ की तपोस्थली जलेश्वर धाम महादेव में भारी भीड़ पहुंच रही थी , जितनी भीड़ आज नर्मदा मंदिर अमरकंटक में है उतनी या उससे कहीं ज्यादा भीड़ ज्वालेश्वर महादेव अमरकंटक में देखी जा रही है । श्रद्धालुगढ़ बाबा भोलेनाथ की जय जय कार के साथ बोल बम , बोल बम जय कारे के साथ श्रद्धा भाव के साथ मां श्री नर्मदा के पावन जल को कैलाशपति बाबा जालेश्वर धाम के जल अर्पित कर रहे हैं व पावन महीने में अपने जीवन के लिए पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
पुलिस रही मुस्तैद —-हजारों की संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित व शांतिपूर्ण सुरक्षा कर दर्शन लाभ मिल जाए इसकी पूरी जवाबदेही पुलिस प्रशासन ने अपने कंधों पर ले रखी थी । सुबह से ही पूरे नगर व अमरकंटक क्षेत्र में ज्वालेस्वर महादेव में चारों तरफ जहां भी भीड़ भाड वाला जगह है वहां पर पुलिस प्रशासन मुस्तैदी के साथ खड़ी दिखाई दे रहा थी । पार्किंग की सुविधा या समस्या हो या ट्रैफिक जाम हो इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए नगर निरीक्षक विजय दीक्षित व टीम ने जगह जगह पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगा रखी थी जिससे आने वाले किसी भी श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े।।

कांवड़ यात्रा —- अमरकंटक में कावड़ यात्रा का भी एक बहुत बड़ा महत्व है । अमरकंटक में भक्तगण दूर-दूर से आते हैं एवं मा श्री नर्मदा का पावन जल लेकर अपने अपने गंतव्य की ओर देवता की ओर जाते हैं और इस पावन जल को अर्पित कर जीवन को पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं इसी तरह पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के समाजसेवी हीरा सिंह श्याम के द्वारा विगत 3 वर्षों से अमरकंटक से जल लेकर 52 किलोमीटर दूरी की यात्रा तय कर जल अर्पित करते हैं सिर्फ हीरा सिंह ही नहीं क्षेत्रीय विधायक फुंन्देलाल सिंह मार्को दूसरी बार राजेन्द्रग्राम से पैदल चलकर ढोल नगाड़े के साथ उद्गम स्थल पहुच कर पूजन अर्चन पश्चात जालेश्वर धाम में जल अर्पित कर भंडारे का आयोजन कर पूर्ण करते है । ऐसे हजारों की संख्या में छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश से एवं देश के अन्य राज्यों से कांवरिया वाले आते हैं वह मा श्री नर्मदा का पावन जल ले जा अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं ।।
